Corruption Case : शराब घोटाला मामले में ED का बड़ा दावा….! कवासी और चैतन्य को बताया ‘पॉलिटिकल एग्जीक्यूटिव’

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Corruption Case
रायपुर, 31 दिसंबर। Corruption Case : छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए बड़े और सनसनीखेज खुलासे किए हैं। ED ने इस घोटाले में पूर्व मंत्री कवासी लखमा और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल को घोटाले का ‘पॉलिटिकल एग्जीक्यूटिव’ बताया है। ED के मुताबिक, यह शराब घोटाला करीब 2883 करोड़ रुपये का है। जांच एजेंसी ने बताया कि मुख्यमंत्री कार्यालय में पदस्थ रही सौम्या चौरसिया पूरे घोटाले की मुख्य को-ऑर्डिनेटर थीं, जिन्होंने राजनीतिक, प्रशासनिक और कारोबारी स्तर पर नेटवर्क को संचालित किया। प्रवर्तन निदेशालय ने कार्रवाई करते हुए अब तक 382.82 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियों को अटैच किया है। इनमें रायपुर स्थित होटल वेलिंगटन कोर्ट सहित ढेबर परिवार और बघेल परिवार से जुड़ी 1000 से अधिक संपत्तियां शामिल बताई जा रही हैं। ED के अनुसार, शराब नीति में हेरफेर कर अवैध सिंडिकेट के जरिए भारी मात्रा में धन अर्जित किया गया, जिसे राजनीतिक संरक्षण प्राप्त था। जांच एजेंसी का दावा है कि घोटाले से अर्जित धन को संपत्तियों, कारोबार और अन्य निवेशों में खपाया गया। शराब घोटाले में ED के इन खुलासों के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर उबाल आ गया है। मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है, वहीं जांच एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि आगे भी जांच जारी रहेगी और साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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