कोरबा

Vande Mataram : वन्दे मातरम् के 150 वर्ष पर केपील का ‘हरित अभियान’ शुरू…! सैकड़ों पौधे रोपे गए…अभियान, पर्यावरण संरक्षण की ओर बड़ा कदम

केपील में 200 से अधिक पौधों का रोपण

कोरबा, 15 नवम्बर। Vande Mataram : राष्ट्रगीत वन्दे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में कोरबा पॉवर लिमिटेड (केपील), पताड़ी द्वारा ‘हरित केपील’ अभियान की शुरुआत की गई। इस अवसर पर करतला ब्लॉक स्थित संयंत्र परिसर में वृहद सामूहिक वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। अभियान का नेतृत्व केपील के चीफ बिजनेस ऑफिसर समीर कुमार मित्रा, परियोजना प्रमुख सी.वी.के. प्रसाद, ए. राजागुरु, मुला रवि तथा मार्गदर्शन आर.एन. शुक्ला द्वारा किया गया। कार्यक्रम का संचालन कंपनी के पर्यावरण विभाग ने किया, जिसका उद्देश्य पर्यावरणीय संरक्षण को बढ़ावा देते हुए हरित ऊर्जा के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता को और मजबूत बनाना है।

राष्ट्रगीत की 150वीं वर्षगांठ

पर्यावरण विभाग के विभागाध्यक्ष ईशान ताम्रकार एवं आलोक मिश्रा के नेतृत्व में कार्यक्रम की शुरुआत वन्दे मातरम् के सामूहिक गायन से हुई। इस अवसर पर केपील के अधिकारी, ठेका कर्मी और स्थानीय नागरिकों सहित 150 से अधिक लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और देशभक्ति तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी साझा प्रतिबद्धता व्यक्त की। केपील के शीर्ष प्रबंधन से जुगल किशोर सेनापति, अखिलेश सिंह, संतोष शर्मा, अतुल गुप्ता एवं राजेंद्र सांखला ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने नागरिकों से राष्ट्रगीत को रोजमर्रा की दिनचर्या में शामिल करने की अपील की और पर्यावरण संरक्षण में सामूहिक भागीदारी पर जोर दिया। औद्योगिक विकास के साथ पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए अभियान के दूसरे दिन संयंत्र परिसर में वृहद वृक्षारोपण की शुरुआत की गई। उद्यान विभाग के कंवर पाल मलिक के सहयोग से अधिकारियों ने 200 से अधिक पौधे रोपे। आगे यह अभियान आसपास के गांवों तक विस्तारित किया जाएगा, जहाँ स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि यह एक जन आंदोलन के रूप में विकसित हो सके। अदाणी समूह द्वारा सामुदायिक सरोकारों के तहत छत्तीसगढ़ के कोरबा, रायपुर, सरगुजा, दुर्ग, बलौदाबाजार-भाटापारा और बिलासपुर जिलों में शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना और आजीविका उन्नयन के विभिन्न कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। सरगुजा जिले के आदिवासी बाहुल्य उदयपुर ब्लॉक में पर्यावरण संरक्षण के तहत 1200 एकड़ से अधिक पुनः प्राप्त भूमि पर 15.50 लाख से अधिक पौधों से घना जंगल विकसित किया गया है, जो जैव विविधता संरक्षण के प्रति अदाणी समूह की दीर्घकालीन प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

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