Boycott of Public Hearing : छत्तीसगढ़ महिला आयोग में घमासान…! अध्यक्ष की कार्यप्रणाली के खिलाफ सदस्यों ने खोला मोर्चा…राज्यपाल से की शिकायत

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Boycott of Public Hearing
रायपुर, 09 अक्टूबर। Boycott of Public Hearing : छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग में अंदरूनी विवाद गहराता जा रहा है। आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक की कार्यप्रणाली को लेकर तीन सदस्यों लक्ष्मी वर्मा, सरला कोसरिया और दीपिका सोरी ने खुलकर नाराजगी जाहिर करते हुए मोर्चा खोल दिया है। अब यह विवाद राजभवन तक पहुंच गया है। दो दिन पहले ही नाराज सदस्यों ने आयोग की सुनवाई का बहिष्कार करने की घोषणा की थी। इसके बाद वे बुधवार को राज्यपाल रमेन डेका से भेंट करने राजभवन पहुंचे। सदस्यों ने राज्यपाल को शिकायती पत्र सौंपते हुए आयोग की आंतरिक स्थिति से अवगत कराया।

अध्यक्ष पर गंभीर आरोप

राज्यपाल को सौंपे गए शिकायती पत्र में सदस्यों ने आरोप लगाया कि महिला आयोग जैसे संवैधानिक संस्थान में संविधान के अनुरूप कार्य नहीं हो रहा है। अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक की कार्यशैली एकतरफा है, जिससे सदस्यों की भूमिका गौण हो गई है। उन्होंने राज्यपाल से हस्तक्षेप की मांग की और राज्य शासन से मामले की जांच कराने की अपील की।

राज्यपाल ने दिया आश्वासन

राज्यपाल रमेन डेका ने नाराज सदस्यों की शिकायतें गंभीरता से सुनीं और उन्हें भरोसा दिलाया कि वह इस मामले में राज्य शासन से जवाब तलब करेंगे।

सीएम से नहीं हो पाई मुलाकात

राज्यपाल से मुलाकात के बाद तीनों सदस्य मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मिलने के लिए मुख्यमंत्री निवास पहुंचे। लेकिन मुख्यमंत्री अन्य कार्यक्रमों में व्यस्त होने के कारण उनसे मुलाकात नहीं हो पाई। महिला आयोग में चल रहे इस विवाद ने राज्य सरकार और प्रशासन के लिए नई चुनौती खड़ी कर दी है। अब देखना होगा कि शासन इस विवाद को सुलझाने के लिए क्या कदम उठाता है।
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