कोरबा/पाली, 08 जुलाई। Deopahari Waterfalls : छत्तीसगढ़ के लोकप्रिय पर्यटन स्थल देवपहरी जलप्रपात में सोमवार को बड़ा हादसा टल गया। पिकनिक मनाने पहुंचे पांच युवाओं दो लड़के और तीन लड़कियां की जान उस वक्त खतरे में पड़ गई जब अचानक झरने का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। तेज बहाव में फंस गए इन सभी युवाओं को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए पुलिस और प्रशासन की टीमों ने संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया।
तेज धार और मौसम की चुनौती के बावजूद रेस्क्यू टीम ने साहसिक प्रयास करते हुए सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान घंटों तक टीम को मुश्किल हालातों का सामना करना पड़ा, लेकिन अंततः अभियान सफल रहा। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई थी, लेकिन युवाओं को सुरक्षित देखकर परिजनों और प्रशासन ने राहत की सांस ली।
चेतावनियों के बावजूद लोग उठा रहे हैं जोखिम
इस घटना ने एक बार फिर यह गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर लोग बार-बार दी जा रही प्रशासनिक चेतावनियों को नजरअंदाज क्यों कर रहे हैं। मानसून के मौसम में नदी-नालों और जलप्रपातों का जलस्तर अचानक बढ़ने का खतरा हमेशा बना रहता है। प्रशासन पहले ही ऐसे स्थलों से दूर रहने की अपील कर चुका है, बावजूद इसके लोग लापरवाही दिखाकर न केवल खुद को, बल्कि रेस्क्यू टीमों को भी जोखिम में डाल रहे हैं।
पाली क्षेत्र में भी चला बड़ा रेस्क्यू अभियान
इसी तरह पाली क्षेत्र में एक अन्य बड़े रेस्क्यू ऑपरेशन में 17 लोगों को सुरक्षित बचाया गया, जो बाढ़ जैसी स्थिति में फंसे हुए थे। इस तरह पिछले 24 घंटों में पुलिस, प्रशासन और रेस्क्यू टीमों ने कुल 22 लोगों की जान बचाई है, जो इन आपात स्थितियों में उनकी तत्परता और समर्पण को दर्शाता है।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने पुनः सभी नागरिकों से अपील की है कि मानसून के दौरान किसी भी जलप्रपात, नदी या अन्य जलस्त्रोतों के पास न जाएं, और किसी भी तरह की एडवेंचर या जोखिम भरी गतिविधियों से बचें। सुरक्षा में चूक जानलेवा हो सकती है।












