कोरबा, 01 जुलाई। Collector Strict Warning : कोरबा के कलेक्टर अजीत वसंत ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समय-सीमा की बैठक लेकर विभागीय कार्यों की गहन समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने बारिश के मौसम को देखते हुए स्वास्थ्य सुविधाओं की मजबूती और लंबित राजस्व प्रकरणों के शीघ्र निराकरण पर विशेष जोर दिया।
स्वास्थ्य विभाग को निर्देश
कलेक्टर वसंत ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि उल्टी-दस्त, बुखार जैसी मौसमी बीमारियों की सूचना मिलते ही तुरंत स्वास्थ्य अमला मौके पर पहुंचे और जाँच व उपचार सुनिश्चित करे। उन्होंने सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य केंद्रों में सर्पदंश व डॉग बाइट के लिए एंटी वेनम व रेबीज इंजेक्शन की उपलब्धता अनिवार्य रूप से बनाए रखने के निर्देश दिए।
शासकीय जर्जर भवनों को करें ध्वस्त
कलेक्टर ने एसडीएम को निर्देशित किया कि जनपद सीईओ के माध्यम से ग्राम पंचायतों में स्थित पुराने व जर्जर शासकीय भवनों को डिस्मेंटल कराना सुनिश्चित करें। इससे दुर्घटना की आशंका को रोका जा सकेगा।
शिक्षा विभाग को तीन दिन में कार्यभार दिलाने के निर्देश
युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया में उच्च न्यायालय के आदेश के बाद कार्यभार ग्रहण नहीं करने वाले शिक्षकों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। कलेक्टर नेप्राइमरी से हायर सेकंडरी स्कूलों में छात्र संख्या के अनुसार शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया हेतु जानकारी भेजने और डीएमएफ मद से रिक्त पदों पर भर्ती के लिए प्रशासकीय स्वीकृति लेने के निर्देश भी दिए।
डीएमएफ के कार्यों पर विशेष निगरानी
कलेक्टर ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि रद्द किए गए कार्यों की डीएमएफ राशि 20 दिनों के भीतर विभाग को लौटाई जाए।
साथ ही स्वीकृत कार्यों की टेंडर प्रक्रिया दो माह में पूर्ण की जाए।
राशन वितरण की स्थिति पर भी दिए निर्देश
कलेक्टर ने खाद्य विभाग को निर्देशित किया कि 5 किलोमीटर से अधिक दूरी पर उचित मूल्य की दुकान होने पर निकटतम स्थान पर राशन उपलब्ध कराया जाए, ताकि ग्रामीणों को परेशानी न हो। सभी एसडीएम को समय पर राशन वितरण सुनिश्चित कराने का आदेश दिया गया।
राजस्व प्रकरणों की गहन समीक्षा
बैठक के उपरांत कलेक्टर वसंत ने तहसीलवार लंबित प्रकरणों की समीक्षा की और कहा कि 3 से 5 वर्षों से अधिक समय से लंबित नामांतरण, सीमांकन, डायवर्सन, ई-कोर्ट व राजस्व न्यायालय से जुड़े प्रकरणों का त्वरित समाधान किया जाए।
कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश
राजस्व फाइलों का समुचित रखरखाव किया जाए।
अवश्यकतानुसार डिजिटल सिग्नेचर और नक्शा बटांकन की संख्या में वृद्धि की जाए।
शेष कोटवारी भूमि को शासन के नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया तेज की जाए।
आमजन से जुड़ी समस्याओं पर रखें विशेष ध्यान
कलेक्टर ने सभी एसडीएम और तहसीलदारों से कहा कि वे छोटी-छोटी समस्याओं का निराकरण अपने स्तर पर करेंऔर ग्रामीणों को स्पष्ट जानकारी दें ताकि उन्हें जिला मुख्यालय तक न आना पड़े।
बैठक में अधिकारीगण रहे मौजूद
इस बैठक में डीएफओ कटघोरा (Collector Strict Warning) निशांत कुमार, निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय, सहायक कलेक्टर क्षितिज गुरभेले, जिला पंचायत सीईओ दिनेश नाग, अपर कलेक्टर अनुपम तिवारी, संयुक्त कलेक्टर मनोज कुमार बंजारे सभी एसडीएम और विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।












